AMU or aligarh muslim university to hold Class 10th and 12th board exams online know details – AMU में ऑनलाइन होंगे 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम, छात्रों को मोबाइल नंबर अपडेट करने के निर्देश

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Jun 12, 2020
AMU में ऑनलाइन होंगे 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम, छात्रों को मोबाइल नंबर अपडेट करने के निर्देश

AMU में ऑनलाइन होंगे 10वीं और 12वीं के एग्जाम.

नई दिल्ली:

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) स्कूल बोर्ड ने 10वीं और 12वीं क्लास के सभी छात्र-छात्राओं से कहा है कि वो एप्लीकेशन फॉर्म के साथ अपने मोबाइल नंबर और वॉट्सऐप नंबर भी अपलोड करें. ये निर्देश ऑनलाइन एग्जाम के चलते दिए गए हैं. बोर्ड ने कहा है कि ये तमाम डिटेल्स अपनी ई-मेल आईडी के साथ 20 जून तक सभी छात्र उपलब्ध कराएं. बता दें कि कोरोनावायरस लॉकडाउन के चलते पोस्टपोन किए गए 10वीं और 12वीं क्लास के एग्जाम एएमयू स्कूल बोर्ड ने ऑनलाइन (AMU Online Board Exams) कराने का फैसला लिया है.

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AMU के डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन की तरफ से 10 जून को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है, ”सभी छात्र अपना मोबाइल नंबर/वॉट्सऐप नंबर/ईमेल आईडी एग्जामिनेशन फॉर्म के साथ अपडेट करें. फॉर्म डायरेक्टोरेट की वेबसाइट और एग्जामिनेशन वेबसाइट पर उपलब्ध हैं.” डायरेक्टोरेट (निदेशालय) ने कहा है कि ऑनलाइन एग्जाम की डेटशीट एग्जाम की तारीख से 15 दिन पहले जारी कर दी जाएगी. 

एएमयू स्कूल बोर्ड ने 2 जून को नोटिफिकेशन जारी करते हुए बताया था कि 10वीं और 12वीं के बचे हुए एग्जाम ऑनलाइन मोड में कराए जाएंगे. एएमयू बोर्ड (AMU Board) का यह फैसला तब आया है जबकि सीबीएसई (CBSE) ने बचे हुए बोर्ड एग्जाम ऑफलाइन ही कराने का निर्णय लिया है. मार्च में कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ने के चलते 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था.

लॉकडाउन के चलते सभी स्कूल भी बंद कर दिए गए थे. बोर्ड एग्जाम भी बीच में ही रोक दिए गए थे. सीबीएसई से लेकर तमाम स्टेट बोर्ड अब बचे हुए एग्जाम करा रहे हैं. सीबीएसआई ने जुलाई में एग्जाम कराने का फैसला किया है और ये एग्जाम पहले की तरह ऑफलाइन ही होंगे. लेकिन एएमयू बोर्ड इकलौता ऐसा बोर्ड है जो बचे हुए बोर्ड एग्जाम ऑनलाइन करा रहा है. हालांकि, सीबीएसई के फैसले के खिलाफ कुछ अभिभावक सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गए हैं. अभिभावकों ने याचिका में कहा है कि कोरोनावायरस के चलते बच्चों के एग्जाम न कराए जाएं, क्योंकि इससे उनके लिए खतरा पैदा हो सकता है. अभिभावकों ने मांग है कि बच्चों को हो चुके पेपर के आधार पर नंबर दिए जाएं और बिना एग्जाम लिए ही रिजल्ट घोषित कर दिए जाएं.


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