Coronavirus : American National urges in court to allow him stay more as US government is not taking care like Indian Govt – Coronavirus: वहां की सरकार लोगों का भारत की तरह ख्याल नहीं रख पा रही है, मैं यहीं रहना चाहता हूं: अमेरिकी नागरिक जॉनी पियर्स

146 Views
Jul 11, 2020
Coronavirus: वहां की सरकार लोगों का भारत की तरह ख्याल नहीं रख पा रही है, मैं यहीं रहना चाहता हूं: अमेरिकी नागरिक जॉनी पियर्स

Covid-19 : अमेरिकन नागरिक ने भारत सरकार की तारीफ की है

नई दिल्ली :

अमेरिका में कोरोना वायरस (Coronavirus)  की वजह से फैल रहे संक्रमण की हालत किसी से भी छिपी नहीं है. वहीं भारत में भी कोरोना संक्रमण रोज नए रिकॉड तोड़ रहा है. फिर भी कई विशेषज्ञों और लोगों को लगता है कि भारत सरकार इस बीमारी से निपटने में ज्यादा अच्छा काम कर रही है. इसी तरह 75 साल के अमेरिकी नागरिक जॉनी पियर्स केरल के कोच्चि में पिछले 5 महीन से टिके हुए हैं और उन्होंने अब केरल हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि उनके टूरिस्ट वीजा को बिजनेस वीजा में बदल दिया जाए ताकि वह भारत में ज्यादा समय तक रह सकें. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, कोविड-19 बीमारी की वजह से अमेरिका में अफरा-तफरी मची है. वहां की अमेरिका की सरकार लोगों का उस भारत सरकार की तरह ख्याल नहीं रख रही है. मैं यहीं रहना चाहता हूं’.

यह भी पढ़ें

उन्होंने कहा, मैं एक याचिका दे रहा हूं जिसमें मांग करूंगा कि मुझे 180 दिन और यहां रहने की इजाजत दी जाए. मुझे बिजनेस वीजा दिया जाए ताकि यहां मैं एक ट्रैवल एजेंसी खोल सकूं. मैं चाहता हूं कि मेरा परिवार भी यहां आ सके. यहां जो भी कुछ भी हो रहा है मैं इससे काफी प्रभावित हूं. अमेरिका में लोग कोविड-19 की चिंता नहीं कर रहे हैं.  आपको बता दें कि अमेरिका में इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है. अमेरिका में इस समय 3184573 केस सामने आ चुके हैं जिसमें से 1 लाख 34 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक कुल  9 लाख 83 हजार 1 सौ  85 लोग ठीक हो चुके हैं और अभी 2 लाख 67 हजार से ज्यादा केस एक्टिव हैं. 

वहीं बात करें भारत की तो कोविड-19(Covid-19)  इस समय दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बन गया है.  अब तक 8 लाख 20 हजार 916 मामले सामने आ चुके हैं. जिसमें से 22123 लोगों की मौत, 5 लाख 15 हजार 3 सौ 86 लोग ठीक हो चुके हैं. अब 2 लाख 83 हजार से ज्यादा केस एक्टिव हैं.



Source by [author_name]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *