Coronavirus infected patients in Delhi will not get home isolation facility: sources – दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा खत्म की जाएगी : सूत्र

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Jun 19, 2020
दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा खत्म की जाएगी : सूत्र

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ‘दिल्ली में होम आइसोलेशन की नीति को ख़त्म करने का आदेश जारी करें.’ यानी कि यह आदेश जारी होने पर दिल्ली में हर कोरोना पॉजिटिव को अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन सेंटर में जाना होगा. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. 

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दिल्ली फिलहाल जो  व्यवस्था है कि उसके मुताबिक अगर कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति में लक्षण नहीं हैं, या कम लक्षण हैं तो उसको होम आइसोलेशन में रहने की इजाज़त मिलती है. इस समय दिल्ली में 8480 कोरोना पॉजिटिव मरीज़ होम आइसोलेशन में हैं.

दिल्ली में गुरुवार को रैपिड ऐंटिजन टेस्टिंग शुरू की गई है. शुरुआती चरण में कन्टेनमेंट ज़ोन में रहने वाले लोगों की कोरोना जांच की जा रही है. गुरुवार को 193 केंद्रों पर रैपिड ऐंटिजन टेस्टिंग हुई. इसमें कुल 7040 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ जिसमें से 456 लोग पॉज़िटिव पाए गए. 

दिल्ली सरकार को फिलहाल पचास हजार रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किट मिली हैं. अभी के हिसाब से कुल 6 लाख किट मिलेंगी. इस नई तकनीक से जहां एक ही दिन में 7000 से ज्यादा लोगों के टेस्ट हुए वहीं पुरानी और सबसे विश्वसनीय मानी जाने वाली तकनीक RT-PCR टेस्ट से रोज़ाना करीब 7 से 8 हज़ार टेस्ट हो रहे हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना वायरस के रैपिड एंटीजन टेस्ट को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया. उन्होंने टेस्टिंग के इस अभियान में भाग लेने वाले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के सभी अधिकारियों से कहा कि जो कोई भी टेस्ट कराना चाहता है, उसका टेस्ट करें. अमित शाह ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कोरोनो वायरस की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एनसीआर को एक क्षेत्र के रूप में माना जाए.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया कि “एक लाख यूनिट दी गई हैं और सभी को परखने के लिए निर्देश दिए गए हैं.” उनके अनुसार शाह ने अधिकारियों से पूरे एनसीआर को एक क्षेत्र के रूप में मानने के लिए कहा. वे कहते हैं कि “नीति और प्रोटोकॉल के मामले में कोई अंतर नहीं होना चाहिए और यह सभी वरिष्ठ अधिकारियों के लिए स्पष्ट किया गया था.” 

गृह मंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा है कि पूरे एनसीआर क्षेत्र में कितने वेंटिलेटर और आईसीयू उपलब्ध हैं? अधिकारी ने बताया कि “ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता और अस्पतालों का आकलन भी किया जा रहा है. रिपोर्ट सौंपी जाएगी.”


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