Dalai Lama special conversation with NDTVs Prannoy Roy: Read Highlights – भारत का बेटा होने पर गर्व- दलाई लामा के प्रणय रॉय को दिए इंटरव्यू की मुख्य बातें  

108 Views
Jun 13, 2020
भारत का बेटा होने पर गर्व- दलाई लामा के प्रणय रॉय को दिए इंटरव्यू की मुख्य बातें  

नई दिल्ली:

तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वे मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से भारत के बेटे हैं. उन्होंने कहा कि पचास साल से ज्यादा समय से यह शरीर भारत के ‘दाल चावल’ पर चल रहा है. दलाई लामा ने अपने 85वें जन्मदिन से पहले  एनडीटीवी के प्रणय राय के साथ विशेष बातचीत में ये बातें कहीं. दलाई लामा ने आध्यात्म से जुड़े सवालों का जवाब दिया और कहा कि “आध्यात्मिक रूप से भारत हमारा घर है और लोकतांत्रिक देश है.” 

यह भी पढ़ें

उन्होंने बातचीत में कहा, “मेरे दिमाग और दिमाग के हर हिस्से में भारतीय विचार समाहित हैं. बौद्ध विचार, भारतीय है, भारतीय परंपरा है. मेरा मानना है कि 50 साल से भी अधिक समय से यह शरीर भारत की दाल और चावल पर चल रहा है. इसलिए शारीरिक और मानसिक तौर पर मेरा यह विचार है कि मैं भारत का बेटा हूं. मुझे वाकई में इस पर गर्व होता है.”

कर्म के बारे में बताएं, 2020 में भूकंप, वायरस और ऐसी कई चीजें हुईं, क्या यह सामूहिक कर्म है जो नकारात्मक है?

हां, लोगों का समूह है, कुछ नकारात्मक कर्म हैं. चूंकि हमारे कर्म का सृजन हम खुद करते हैं, इसलिए अंतत: हमारे पास कर्म को बदलने का अवसर है. मुझे लगता है कि कुछ आलसी लोग हैं, जो बिना बहुत ज्यादा प्रयास किए सिर्फ कर्म, कर्म, कर्म कहकर चिल्लाते हैं. 

किस तरह से कर्म को बदला जा सकता है? कैसे एक व्यक्ति नकरात्मक कर्म को सकारात्मक कर्म में बदल सकता है?

उदाहरण के तौर पर, कुछ नकारात्मक कर्म गुस्से या हिंसा की वजह से होते हैं. ऐसे में जितना ज्यादा हो सके दया और क्षमा जैसी गतिविधियों को बढ़ाना चाहिए. ये अच्छे कर्म नकारात्मक कर्म को घटाते हैं क्योंकि आप देखते सकते हैं कि कर्म एक भावनात्मक क्रिया है. इसलिए नकारात्मक क्रियाकलापों से कुछ नकारात्मक कर्मों का सृजन होता है. नकारात्मक क्रियाकलापों के कारण सृजित कर्म ज्यादा समय से परिणाम नहीं देते हैं. 


Source by [author_name]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *