Mumbais Dharavi Model Succeeded in Fight Against Coronavirus, Two Covid Care Centers Closed – कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मुंबई का ‘धारावी मॉडल’ कामयाब, दो कोविड केयर सेंटर बंद

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Jun 25, 2020
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मुंबई का ‘धारावी मॉडल’ कामयाब, दो कोविड केयर सेंटर बंद

Mumbai Coronavirus: कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मुंबई में धारावी मॉडल सफल हो रहा है (प्रतीकात्मक फोटो).

मुंबई:

Mumbai Coronavirus: कोविड हॉटस्पॉट रहे मुंबई के धारावी में मामले इतने घट गए हैं कि यहां के दो कोविड सेंटर बंद कर दिए गए हैं. उत्तर मुंबई के कई इलाकों में भी अब बीएमसी ‘धारावी मॉडल’ की तरह ‘मिशन जीरो’ अभियान चला रही है. मुंबई के कोरोना हॉटस्पॉट रहे धारावी के दो कोविड केयर सेंटर, 750 बेड वाला धारावी म्युनिसिपल स्कूल और 1500 बेड वाला राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद हो गए हैं. यहां भर्ती सारे पॉज़िटिव मरीज़ डिस्चार्ज हो गए हैं. इलाके में घटती संक्रमितों की संख्या के साथ इसकी ज़रूरत भी खत्म हुई इसलिए दोनों सेंटर बंद किए जा चुके हैं.

धारावी के प्रशासकीय अधिकारी स्नेहलता डूंबरे ने कहा कि ”धारावी के कोरोना ग्रस्त मरीजों की संख्या घटने के कारण धारावी का स्कूल जो क्वारंटाइन सेंटर था, अब ख़त्म कर दिया. अभी प्रशासन अगर बोल देता है तो माता-पिता अपने बच्चों को भेज सकते हैं. अगर प्रशासन चाहे कि स्कूल चालू करना है तो स्कूल हमारा पूरी तरह से रेडी है.”

कभी सौ पार आंकड़े दिखाने वाला धारावी 24 जून तक कभी पांच तो कभी दस कोरोना संक्रमितों की संख्या दिखा रहा है. डब्लिंग रेट 102 दिन तक जा पहुंचा है. राज्य की सत्ता और बीएमसी पर काबिज शिवसेना को धारावी का श्रेय जाना लाज़मी है.

शिवसेना नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ”जिस तरीक़े से धारावी मॉडल सामने आया है, हेल्थ मिनिस्ट्री ने भी तारीफ़ की है. वो दर्शाता है कि जो महाराष्ट्र मुंबई की स्ट्रैटेजी रही है जहां हम एग्रेसिवली लोगों को ट्रेस करते हैं, टेस्ट करते हैं, उनको ट्रीट करते हैं. उसके बाद ट्रैक करते हैं, तो यह एक सक्सेसफुल मॉडल है.”

धारावी का यही सफल मॉडल अब मुंबई के उत्तरी इलाकों जैसे कांदिवली, मलाड, बोरिवली और दहिसर क्षेत्रों में बीएमसी ने जोरदार ढंग से लागू किया है. इन इलाकों में 115 प्रतिबंधित क्षेत्र हैं. यहां भी धारावी की ही तरह ‘मिशन जीरो’ लॉन्च हुआ है. पब्लिक-प्राइवेट पाटर्नरशिप के तहत लॉन्च किए गए इस अभियान में डॉक्टरों और वॉलंटियरों की टीम के साथ 50 मोबाइल डिस्पेंसरी लोगों के घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है. संदिग्ध मरीजों को तुरंत क्वारंटाइन किया जा रहा है. लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था की जा रही है. पी-नॉर्थ वार्ड के सहायक आयुक्त संजोग कबरे ने कहा कि ”ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं.”

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