NDTV Finds Only 3 Ventilator Beds available in 5 Hospitals In Delhi

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Jun 15, 2020
NDTV ने 5 अस्पतालों में की पड़ताल, केवल 3 वेंटिलेटर बेड मिले खाली

दिल्ली में बेड की कमी को पूरा करने के लिए अगले सप्ताह तक 20,000 बेड और जोड़े जाने हैं (प्रतिकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  • एनडीटीवी ने दिल्ली के 5 प्राइवेट अस्पतालों का दौरा किया
  • केवल 3 वेंटिलेटर बेड और 5 आईसीयू बेड उपलब्ध मिले
  • केवल एक अस्पताल के एंट्रेंस में बेड और फीस की जानकारी नहीं मिली

नई दिल्ली:

*दिल्ली के पांच अस्पतालों के रियलिटी चेक में बेड की भारी कमी पाई गई, खासकर इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) और वेंटिलेटर से जुड़ी. एनडीटीवी ने पाया कि 5 अस्पतालों में केवल 3 वेंटिलेटर बेड और 5 आईसीयू बेड उपलब्ध थे, जो कि 10,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक के थे. इसके अलावा, इन अस्पतालों के 70 फीसदी बेड मरीजों से भरे थे. NDTV ने यह भी पाया कि अधिकांश अस्पताल बेड की उपलब्धता और इलाज खर्च के बारे में जानकारी प्रदर्शित करने के सरकार के आदेश के अनुपालन में थे.

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9 जून को, दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को अपने परिसर में विशाल फ्लेक्स बोर्ड (12X10 फीट) लगाने के लिए कहा, जो दिल्ली सरकार के ऐप पर कोरोनोवायरस रोगियों के लिए आरक्षित बिस्तरों के बारे में जानकारी प्रदर्शित करता है और यदि अस्पताल ने नियमों का उल्लंघन किया है तो कॉल करने के लिए हेल्पलाइन.

एनडीटीवी ने जिन 5 अस्पतालों का दौरा किया – मैक्स अस्पताल पटपड़गंज, होली फैमिली अस्पताल ओखला, फोर्टिस अस्पताल सुखदेव विहार, अपोलो अस्पताल सरिता विहार और बत्रा अस्पताल तुगलकाबाद – इस नियम का पालन करते हुए पाए गए.

10 जून को, लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल ने अस्पतालों को प्रवेश द्वार पर एलसीडी स्क्रीन लगाने के लिए आदेश जारी किए, जो COVID-19 बेड की उपलब्धता और उपचार लागत पर जानकारी प्रदर्शित करते हैं.

एंट्रेंस पर चार अस्पतालों मैक्स अस्पताल पटपड़गंज, फोर्टिस अस्पताल सुखदेव विहार, अपोलो अस्पताल सरिता विहार और बत्रा अस्पताल तुगलकाबाद ने बेड और फीस की डिलेट के बारे में जानकारी लिखी हुई थी. लेकिन ओखला के होली फैमिली अस्पताल में, प्रवेश द्वार पर बेड और शुल्क का कोई प्रदर्शन नहीं था. रिसेप्शन पर एक एलसीडी स्क्रीन थी, जिसमें बिस्तरों के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन कीमतों का उल्लेख नहीं किया गया था.

इस बारे में पूछे जाने पर, अधिकारियों ने कीमतों के साथ एक पेपर प्रिंटआउट प्रदान किया. उन्होंने कहा कि एलसीडी डिस्प्ले को कुछ समय में शुल्क की जानकारी के साथ अपडेट किया जाएगा. कुछ घंटों बाद, उन्होंने अपडेटेड एलसीडी स्क्रीन की एक फोटो भेजी.

सरकार फिलहाल निजी अस्पतालों में इलाज के लिए कीमतों पर कैप लगाने पर विचार कर रही है. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में एक समिति ने कोरोनोवायरस रोगियों के लिए आरक्षित निजी अस्पतालों में 60 प्रतिशत बेड उपलब्ध कराने, उपचार और परीक्षण लागत तय करने पर आज अपनी रिपोर्ट पेश की. बेड की कमी को पूरा करने के लिए, अगले सप्ताह तक 20,000 बेड जोड़े जाने चाहिए – होटल, बैंक्वेट हॉल और रेलवे कोच में.

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