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Jun 28, 2020
बिहार : सृजन घोटाले में JDU नेता के खिलाफ चार्जशीट, तेजस्वी यादव और सुशील मोदी में 'तू-तू, मैं-मैं'

तेजस्वी यादव और सुशील मोदी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • सृजन घोटाले में दायर की गईं चार्जशीट
  • पूर्व IAS अधिकारी हैं केपी रमैया
  • JDU के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव

पटना:

बिहार (Bihar) के सृजन घोटाले (Srijan Scam) में शनिवार को तीन चार्जशीट दायर हुई हैं. एक चार्जशीट पूर्व आईएएस अधिकारी और जनता दल यूनाइटेड नेता केपी रमैया के खिलाफ भी दायर हुई है. चूंकि रमैया का संबंध जनता दल यूनाइटेड (JDU) से भी रहा हैं, इसलिए विपक्ष को घेरने का मौका मिल गया है. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिहार सरकार के शीर्ष पर बैठे सृजन घोटाले के मुख्य सूत्रधार को CBI द्वारा क्यों बचाया जा रहा है. महादलित विकास मिशन घोटाला, जमीन घोटाला और सृजन घोटाले के आरोपी केपी रमैया तो शीर्ष नेता की आंखों का तारा है. पटना हाईकोर्ट ने केपी रमैया के भ्रष्टाचार पर तल्ख टिप्पणियां की थीं.

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तेजस्वी यादव के अनुसार, आंध्र प्रदेश के इस अधिकारी सह बिहार के नेता ने जेडीयू को इतना समृद्ध किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने उन्हें बिहार से लोकसभा चुनाव लड़वाया. हारने के बाद लैंड ट्रायब्यूनल का सदस्य बनाया ताकि उनकी पार्टी जेडीयू केपी रमैया रचित घोटालों और उनके पावन कर कमलों द्वारा और समृद्ध होती रहे. उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी बताए कि सृजन घोटाले, SC/ST छात्रवृति और जमीन घोटाले के आरोपी IAS और नेताओं को उनका सप्रेम संरक्षण प्राप्त क्यों है. ऐसी क्या योग्यता है कि आप उन्हें चुनाव लड़वाते हैं और हारने पर और घोटाले करने के लिए प्रोत्साहित और पुरस्कृत करते हैं.

वहीं नीतीश कुमार के बचाव में उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी (Sushil Modi) सामने आए और उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करती है, इसलिए किसी भी घोटाले का पता चलते ही सक्षम एजेंसियों से जांच कराने की सिफारिश की गई. सृजन घोटाले में स्वयं मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की सिफारिश की और यह जांच तार्किक परिणति की ओर बढ़ रही है. जिन 60 लोगों पर आरोपपत्र दाखिल हुआ है, उनमें किसी को न तो जाति-धर्म, पद या राजनीतिक झुकाव के आधार पर बचाने की कोशिश की गई, न किसी को फंसाया गया.

सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि यह विडम्बना ही है कि जिस दल के स्थायी राष्ट्रीय अध्यक्ष 1000 करोड़ के चारा घोटाले के चार मामलों में दोषसिद्ध अपराधी हैं, वही दल घोटालों की जांच पर सबसे ज्यादा छाती पीट रहा है. इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी ना होने पर सुशील मोदी ने कहा कि सभी घोटालों, अनियमितताओं की जांच एक पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रही है और प्रमाण के आधार पर आरोपियों के खिलाफ शिकंजा भी कसा जा रहा है.

डिप्टी सीएम के अनुसार, जो लोग बेनामी सम्पत्ति बनाने का बिंदुवार जवाब न दे पाने के कारण सत्ता से बाहर होकर जनता के चित से उतर गए, वे दुर्भावनावश हर जांच के नाम पर सीधे मुख्यमंत्री की गर्दन पर हाथ डालने को उतावले दिख रहे हैं. जिन्हें घोटालों के आरोप सिद्ध करने वाले प्रमाण जुटाने में अदालत का सहयोग करना चाहिए, वे केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं.

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