Surya Grahan 2020 Solar Eclipse 21 June 2020, Kab Hai Surya Grahan, Date And Time In India, Take These Precautions, Know Eclipse Time And Sutak Kal | Solar Eclipse June 2020 | Surya Grahan Kab Hai

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Jun 19, 2020

माना जा रहा है कि मौसम साफ होने पर रिंग ऑफ फायर (Ring Of Fire) भी दिखाई दे सकता है. अगर आप सोच रहे हैं कि सूर्य ग्रहण क्या होता है (What Is Solar Eclipse), तो आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो सूर्य, चंद्र और धरती की एक विशेष स्थिति के चलते होती है. इस सूर्य ग्रहण की खास बात यह है कि यह वलयाकार होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य का अधिकांश भाग ढक देगा. 

कब है सूर्य ग्रहण और क्या है सूर्य ग्रहण का समय (Solar Eclipse 21 June 2020: Date And Time)

वैसे तो सभी जानते हैं कि सूर्य ग्रहण कब है लेकिन कुछ लोग आखिर तक संशय में रहते हैं और जब भी ग्रहण की बात आती है तो पूछते हैं कि सूर्य ग्रहण कब है (Surya Grahan Kab Hai). तो ऐसे लोगों को बता दें कि इस साल यानि 2020 में लगने वाला पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा, जो दुनियाभर के कई देशों में दिखाई देगा. सूर्य ग्रहण के समय की बात करें तो ज्योतिष गणना के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण 21 जून सुबह सुबह 9:15 आंशिक सूर्य ग्रहण शुरू होगा, जबकि 10:17 पर पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. पूर्ण सूर्य ग्रहण रविवार दोपहर ठीक 2:02  मिनट पर समाप्त होगा और 3:04 पर आंशिक ग्रहण समाप्त होगा.

ixgy7hgcudsSolar Eclipse 2020: 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण लगभग 6 घंटे का होगा  

21 जून को सूर्य ग्रहण का समय | Surya Grahan Time On 21 June

– सुबह 9:15 आंशिक सूर्य ग्रहण 

– 10:17 पर पूर्ण सूर्य ग्रहण 

– 12:10 पर सबसे ज्यादा दिखेगा.

– दोपहर 2:02  मिनट पर समाप्त होगा 

– 3:04 पर आंशिक ग्रहण समाप्त होगा.

21 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल | Sutak Kal Of Solar Eclipse On 21 June

जब भी ग्रहण की बात की जाती है तो ग्रहण की तिथि जानने के बाद जो सबसे पहला सवाल मन में आता है वह यह है कि सूतक काल किस समय लगेगा, तो आपको बता दें माना जाता है कि ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. यानि 21 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल शनिवार रात 10:22 मिनट से शुरू हो जाएगा. इस दौरान धार्मिक कार्य नहीं होंगे और मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं.

सूर्य ग्रहण कैसे होता है (How Solar Eclipse Occurs)? 

पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है और वह इसके साथ ही साथ सूर्य के चक्कर भी लगाती है. जिस तरह धरती सूरज की परिक्रमा करती है ठीक उसी तरह चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है और उसके चक्कर लगता है. एक तरह जब दोनों अपनी-अपनी धूरी पर परिक्रमा करते हैं और कभी चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है तो पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है. इसी पल को ग्रहण कहा जाता है.

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सूर्य ग्रहण को लेकर ये हैं सेहत से जुड़ी मान्यताएं (Religious Beliefs And Customs To Perform During Solar Epic)

– कहते हैं कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए हमेशा इस दौरान ईश्वर का ध्यान करना चाहिए.

– माना जाता है कि सूर्य ग्रहण को देखना नहीं चाहिए. 

– माना जाता है कि गर्भवती महिलाओं को इस दौरान कोई भी काम नहीं करना चाहिए. 

– कहते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान खाना भी नहीं बनाना चाहिए.

– कहा जाता है कि जब भी सूर्य ग्रहण लगा हो, तो उस दौरान कपड़े नहीं सीलने चाहिए, न ही सूई का इस्तेमाल करना चाहिए.

– हिंदू धर्म में मान्यता है कि ग्रहण के दौरान नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

– सूर्य ग्रहण के बाद स्नान करने की भी मान्यता है.

– प्रेग्नेंट महिलाओं, बुज़ुर्गों, रोगी और बच्चों को. साथ ही ग्रहण के दौरान खाना खाने और पकाने को भी मना किया जाता है. 

– कुछ लोग तो अपने घरों को भी पानी से धो डालते हैं. मान्यता है कि ग्रहण के बाद मन की शुद्धी के लिए दान-पुण्य भी करना चाहिए.

नग्न आंखों से क्यों नहीं देखना चाहिए सूर्य ग्रहण | Why Should Not A Solar Eclipse Be Seen With The Naked Eye

माना जाता है कि सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य से काफी हानिकारक सोलर रेडिएशन निकलते हैं जिससे कि आंखों के नाजुक टिशू डैमेज हो सकते हैं. इससे आंखों को नुकसान भी पहुंच सकता है. विशेषज्ञों भी मानते हैं कि सूर्य ग्रहण को सीधे नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए. ऐसा करने से सूर्य से निकलने वाले हानिकारक किरणें आपकी आंखों को काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.


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